Eosinophil काउंट क्या है? एलर्जी, संक्रमण के लिए रक्त परीक्षण

डॉक्टर Eosinophil काउंट टेस्ट करवाने के लिए क्यों कहते हैं? जब भी डॉक्टर को आशंका होती है कि रोगी  कोई एलर्जीक बीमारी है जैसे अस्थमा त्वचा की एलर्जी तो यह एप्स लूट ही सुनो रक्त टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं.

ल्यूकोसाइट और इओसिनोफिलिया यह रक्त में पाई जाने वाली सफेद कोशिका होती है. यह कोशिकाएं हमारे शरीर का बचाव करती है किसी भी तरह का बैक्टीरिया वायरस पैरासाइट यदि हमारे शरीर में आ जाते हैं. तो यह कोशिकाएं उनको खत्म कर हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है. इओसिनोफिलिया अनोखी खास किस्म के ल्यूकोसाइट होते हैं. जो कि हमारे शरीर को एनर्जी और पैरासाइट से बचाते हैं.

 डॉक्टर यह टेस्ट करवाने के लिए क्यों कहते हैं जब भी डॉक्टर को आशंका होती है कि रोगी  कोई एलर्जीक बीमारी है जैसे अस्थमा त्वचा की एलर्जी तो यह एप्स लूट ही सुनो रक्त टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं.

 यह टेस्ट कैसे किया जाता है?

इसके इसके लिए रक्त का नमूना लिया जाता है जो कि रोगी के बाजू से लिया जाता है. टेस्ट के लिए किसी खास तरह की तैयारी करने की आवश्यकता नहीं होती है. रक्त नमूना रोगी की सुविधा के अनुसार किसी भी वक्त लिया जा सकता है

इओसिनोफिलिया अकाउंट ज्यादा होने के कारण

इओसिनोफिलिया अकाउंट एलर्जीक बीमारियों में बढ़ जाता है जैसे अस्तमा बुखार त्वचा की एलर्जी से इसके अलावा यदि रोगी को संक्रमण हो तो इओसिनोफिलिया अकाउंट बढ़ जाता है. कभी-कभी कैंसर के रोगी में भी इओसिनोफिलिया अकाउंट बढ़ जाता है यह बहुत ही कम देखा जाता है.

इओसिनोफिलिया काउंट कम होने के कारण

इओसिनोफिलिया काउंट कम होने के कारण बहुत ज्यादा तनाव में  इओसिनोफिलिया अकाउंट कम हो जाता है.
रोगी किसी तरह की औषधि अथवा ट्रक्स ले रहा है तो भी कम हो जाता है. गंभीर संक्रमण के दौरान इओसिनोफिलिया काउंट कम होना आम बात है.

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